कटिहार, मई 15 -- कटिहार , हिन्दुस्तान प्रतिनिधि पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की जिंदगी की रफ्तार धीमी कर दी है। कभी बिना सोचे-समझे बाइक निकालकर बाजार या रिश्तेदारी चले जाने वाले लोग अब हर किलोमीटर का हिसाब लगाने लगे हैं। महंगे ईंधन ने सिर्फ वाहनों की टंकी ही नहीं, बल्कि परिवारों की उम्मीदों और सपनों को भी प्रभावित किया है। शहर में नौकरी करने वाले युवाओं का कहना है कि वेतन जितना बढ़ नहीं रहा, उससे कहीं ज्यादा खर्च बढ़ता जा रहा है। रोजाना बाइक से आने-जाने में पहले जितना खर्च होता था, अब उससे काफी अधिक रुपये लग रहे हैं। कई परिवारों ने अनावश्यक यात्रा कम कर दी है। बच्चों की कोचिंग, बाजार की खरीदारी और छोटे-छोटे घरेलू कामों पर भी अब खर्च सोच-समझकर किया जा रहा है। यह भी पढ़ें- जेब पर ईंधन की चोट, सफर से खेती तक बढ़ी मुश्किलेंग...