हजारीबाग, जून 18 -- हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि झारखंड में रक्त के बदले रक्त रिप्लेसमेंट की मजबूरी को खत्म करने का सरकारी आदेश मरीजों के लिए वरदान तो बना, लेकिन हजारीबाग में यह व्यवस्था अब एक नए संकट की ओर ले गई है। अस्पताल के ब्लड बैंकों में रिप्लेसमेंट तो बंद हो गया, लेकिन इसके बदले में पर्याप्त स्वैच्छिक रक्तदान की व्यवस्था न होने से स्टॉक खाली हो गया है। नतीजा यह है कि अब ब्लड बैंक के कर्मचारी सीधे तौर पर डोनर नहीं मांगते, लेकिन स्टॉक नहीं है, कहकर परिजनों को बाहर का रास्ता दिखा रहे हैं। प्रशासन के आदेश के बाद अस्पतालों ने अपने पुराने नियम तो बदल दिए, लेकिन अस्पताल परिसर के बाहर का माहौल नहीं बदला। मेडिकल कॉलेज अस्पताल से लेकर निजी सेंटरों तक में अब रक्त की अनुपलब्धता एक बड़ा बहाना बन गई है। जब कोई मरीज इमरजेंसी में पहुंचता है और ब्लड बैं...