नई दिल्ली, जुलाई 15 -- देशभर में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामलों में जजों की संवेदनहीनता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के एक हालिया फैसले पर गंभीर आपत्ति जताई, जिसमें हाईकोर्ट ने कहा था कि 'महिला की सलवार उतारना और उसका ब्रेस्ट दबाना, रेप की कोशिश नहीं माना जा सकता।' इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी इस तरह का ही एक फैसला सुनाया था। इन मामलों पर संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने अदालतों में जजों में संवेदनशीलता की कमी पर चिंता जताई। पीठ ने कहा कि जजों की यह जिम्मेदारी है कि वे फैसला सुनाने से पहले रिसर्च करें। यह भी पढ़ें- 3 साल की बच्ची से रेप, पंचायत ने लगाया 1 लाख का जुर्माना; फिर चिकन-दारू पार्टी! सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने देश क...