नई दिल्ली, मार्च 13 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय मां व पाकिस्तानी पिता के पारिवारिक विवाद में नाबालिग बच्चों की भलाई को प्राथमिकता देते हुए कहा कि ब्रिटेन के एक हाईकोर्ट का फैसला बच्चों की भलाई से ऊपर नहीं हो सकता। दंपति के दोनों नाबालिग बच्चे ब्रिटिश नागरिक हैं। मां बच्चों को लेकर पिछले दो साल से दिल्ली में है। वहीं ब्रिटेन के एक हाईकोर्ट ने बच्चों को वापस देने का आदेश दिया है। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि दुनिया की किसी भी अदालत का आदेश नाबालिगों की भलाई से ऊपर नहीं हो सकता। इस समय बच्चों की आयु 12 व आठ वर्ष है। न्यायमूर्ति नवीन चावला एवं न्यायमूर्ति रविन्द्र डुडेजा की पीठ ने पाकिस्तान मूल के ब्रिटिश नागरिक की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज कर दी। पीठ ने कहा कि नाबालिग बच्चे अपनी जैविक मां के साथ पिछले साल से दिल्ली में र...