नई दिल्ली, अगस्त 10 -- मध्य प्रदेश के एक कारोबारी ने प्रथम विश्व युद्ध के खर्चों के लिए 109 साल पहले ब्रिटिश सरकार को 35 हजार रुपये उधार दिए थे। अब एक सदी से ज्यादा समय बाद उनके पोते-पड़पोते का दावा है कि ब्रिटेन के अधिकारियों ने उनके अनुरोध का जवाब दिया और इस रकम की वापसी के उनके दावे की जांच करने पर सहमति जताई। विनय और विवेक रुथिया ने यह जानकारी दी। वे पुराने समय के नगर सेठ (प्रमुख कारोबारी और जमीन के मालिक) परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने बताया कि उनके दादा के पीछे छोड़े गए पुराने दस्तावेजों और पत्राचार के आधार पर उनके वकील ने फरवरी में ब्रिटेन के ऋण प्रबंधन कार्यालय को कानूनी नोटिस भेजा था। यह भी पढ़ें- 'अब यह ईगो की बात', MP के व्यक्ति को UK ने पहले विश्व युद्ध के लोन दावे पर भेजा जवाब भाइयों का दावा कि उन्हें इसका जवाब मिल गया ...