ब्रिटिश अफसर का एक थप्पड़ और फिर बना वंदे मातरम गीत, जानें नेशनल सॉन्ग के पीछे की अनसुनी कहानी
नई दिल्ली, अगस्त 15 -- 15 अगस्त को पूरा भारत स्वतंत्रता दिवस सेलिब्रेट कर रहा है। इस स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार लाल किले पर 'वंदे मातरम' गाया गया। पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने संभोधन में यह भी कहा कि आजादी के बाद यह पहली बार है, जब लाल किले पर 'वंदे मातरम' बजाया गया है। इस गाने को सुनकर हर भारतीय को अपने देश पर गर्व होता है। लेकिन क्या आप इस गाने के पीछे के किस्से के बारे में जानते हैं?किसने लिखा यह गाना और क्या है इसकी स्टोरी पहले तो बता दें कि इस गाने को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा है। इकॉनोमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 15 दिसंबर 1873 को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय पालकी से घर जा रहे थे। उस वक्त वह बंकिम तब एक डिप्टी मजिस्ट्रेट थे। वहीं रास्ते में कुछ ब्रिटिशर्स क्रिकेट खेल रहे थे। कर्नल डफिन को उनकी पालकी का वहां से गुज...
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