बदायूं, मार्च 3 -- बदायूं। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवा केंद्र पर होली का पावन पर्व आध्यात्मिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। केंद्र प्रभारी एवं वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी करुणा ने होली का आध्यात्मिक रहस्य समझाते हुए कहा कि होली का अर्थ है जो हो ली मतलब जो बीत गया उसे भूलकर आगे बढ़ना। उन्होंने कहा कि जैसे प्रकृति पुराने पत्ते त्यागकर नए पल्लवों का सृजन करती है, वैसे ही हमें भी पुरानी बातों और कड़वाहट की आहुति देकर संबंधों में प्रेम का नया रंग भरना चाहिए। सत्संग और ज्ञान का रंग ही मनुष्य के कर्मों में सुधार लाकर जीवन में भरपूरता लाता है। इस अवसर पर बीके किरण, ललिता, सुरभि, प्रीति, रामस्वरूप सपरा, मुन्नालाल शाक्य, दीनदयाल, मनोज और संजय भाई सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति स...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.