मुजफ्फरपुर, जून 24 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। आरा के भरत तिवारी मुठभेड़ मामले में आरोपित बनाए गए एसडीपीओ राजेश शर्मा 19 साल पहले भी ऐसे ही एक मामले में घिर चुके हैं। मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना अंतर्गत एमआईटी के पास चार नवंबर 2007 को पुलिस से मुठभेड़ में तीन युवकों की मौत हो गई थी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मुठभेड़ को गलत बताते हुए उस वक्त सदर थानेदार रहे राजेश शर्मा समेत चार दारोगा पर सवाल उठाए थे। आयोग ने तीनों युवकों के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा दिलवाया था。 यह भी पढ़ें- ब्रह्मपुरा फर्जी मुठभेड़ में भी घिरे थे राजेश शर्मापुलिस की कार्यवाही पुलिस ने काजी मोहम्म्दपुर थाना के दामुचक निवासी अनिता देवी के पुत्र मनीष शर्मा, लहलादपुर पताही निवासी मुकुल ठाकुर और शिवहर के पिपराही थाना अंतर्गत धनकौल निवासी सुबोध कुमार सिंह उर्...