ब्रह्मज्ञान प्राप्त होने के बाद जीवन मानवता की सेवा, कल्याण और उत्थान का बन जाता माध्यम
चित्रकूट, मई 15 -- चित्रकूट, संवाददाता। निरंकारी भवन में बाबा हरदेव सिंह की स्मृति में समर्पण दिवस पर सत्संग का आयोजन हुआ। जिसमें मुख्यालय कर्वी के अलावा आसपास के गांवों से लोग शामिल हुए। बांदा से पधारे महात्मा पुष्पेन्द्र ने कहा कि बाबा हरदेव सिंह का संपूर्ण जीवन मानवता, सेवा और प्रेम भक्ति के प्रति समर्पित रहा।उन्होंने मिशन से जुड़े लोगों को प्रेरित किया कि मानव जीवन का प्रत्येक क्षण सार्थक बने और हर पल इंसानियत, करुणा एवं मानवीय मूल्यों का प्रमाण प्रस्तुत करे। बाबा हरदेव ने सदैव यही शिक्षा दी कि प्रत्येक व्यक्ति अपने भीतर मानवीय गुण विकसित कर निराकार का आसरा लेते हुए सार्थक एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन जिए। यह भी पढ़ें- दिखावे से परे लोगों की मदद ही सच्ची सेवा कहा कि अगर किसी के जीवन में दुख, पीड़ा या संघर्ष है, तो हमारा कर्तव्य उसे बढ़ाना नहीं...
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