नई दिल्ली, अगस्त 26 -- नई दिल्ली। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे के निर्माण की नीति में बड़ा बदलाव करते हुए सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने जलवायु परिवर्तन और यातायात के भारी दबाव के आधार पर बिटुमेन (डामर) के विशेष प्रकार और ग्रेड का चयन अनिवार्य कर दिया है। नए मानकों के तहत लद्दाख की ठंड से लेकर राजस्थान की अत्यधिक गर्मी तक अलग-अलग इलाकों के लिए संशोधित बिटुमेन का उपयोग होगा।

दावें और सुधार दावा है कि इससे सड़कें मजबूत और टिकाऊ बनेंगी। इनमें गड्ढे नहीं पड़ेंगे जिससे यात्रियों का सफर सुरक्षित बनेगा। नए मानक से शुरुआती सड़क निर्माण लागत में करीब 10 से 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी होगी, लेकिन इससे सड़कों की मरम्मत और रखरखाव पर होने वाले खर्च में 50 फीसदी तक की भारी कमी आएगी। मंत्रालय ने 23 अगस्त को इस बाबत विस्तृत दिशा-निर्देश ज...