नई दिल्ली, अप्रैल 2 -- नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को अभिनेता राजपाल यादव से जुड़े चेक बाउंस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने बकाया भुगतान को लेकर राजपाल यादव के बदलते रुख पर नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि लिखित आश्वासन और दलीलों में अंतर चिंता का विषय है। शिकायतकर्ता पक्ष ने दलील दी कि यादव पहले ही दोष स्वीकार कर चुके हैं और भुगतान से बच नहीं सकते। सुनवाई के दौरान यादव ने भावुक अपील करते हुए आर्थिक कठिनाइयों का हवाला दिया और बताया कि उन्हें कई संपत्तियां बेचनी पड़ीं। अदालत ने पहले भुगतान के लिए समयसीमा भी तय की थी, लेकिन समझौते की कोशिशें नाकाम रहीं। इसके बाद पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया। यह मामला कई चेक बाउंस मामलों से जुड़ा है, जिनमें निचली अदालत ने यादव को दो...