नई दिल्ली, जुलाई 11 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। बैंकिंग से लेकर क्लाउड स्टोरेज, मेडिकल इमरजेंसी से लेकर मोबाइल नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स तक हमारी पूरी डिजिटल दुनिया जिन डाटा सेंटरों पर टिकी है वे अब खुद जलवायु खतरे की चपेट में हैं। गैर सरकारी संगठन एक्सडीआई की एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया के 9 हजार डाटा सेंटर खतरे में हैं। रिपोर्ट जलवायु खतरों के विस्तारित होते जोखिमों की ओर इशारा करती है। ग्लोबल डाटा सेंटर फिजिकल क्लाइमेट रिस्क एंड अडॉप्टेशन रिपोर्ट अब तक की सबसे व्यापक वैश्विक तस्वीर पेश करती है कि कैसे बाढ़, तूफान, जंगलों की आग, और तटीय जलभराव जैसे जलवायु संकट दुनिया भर के लगभग 9,000 डेटा सेंटरों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर रहे हैं। रिपोर्ट चेतावनी देती है कि अगर ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को कम करने और ढांचागत सुधारों पर तत्का...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.