नई दिल्ली, मई 11 -- राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की वर्ष 2024 की ताजा रिपोर्ट देश के सामाजिक और आर्थिक हालात पर गंभीर सवाल खड़े करती है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में आत्महत्या करने वालों में सबसे बड़ा वर्ग दिहाड़ी मजदूरों का है। कुल आत्महत्या मामलों में इनकी हिस्सेदारी 31 प्रतिशत दर्ज की गई, जो पिछले दस वर्षों में सबसे अधिक है।

2024 में 52910 मजदूरों ने आत्महत्या की रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2024 में 52910 दिहाड़ी मजदूरों ने आत्महत्या की। वर्ष 2022 में यह आंकड़ा कुल आत्महत्याओं का 26.4 प्रतिशत था। वहीं देश में कुल आत्महत्या मामलों की संख्या बढ़कर लगभग 1.7 लाख पहुंच गई है, 2015 में यह संख्या 1.34 लाख थी।

राज्यों की स्थिति चिंताजनक सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि आत्महत्या करने वाले करीब 62.9 प्रतिशत लोगों की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम थी। ...