नई दिल्ली, मार्च 14 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका के हमले रणनीतिक रूप से अलग-अलग मकसद को साधने के लिए किए जा रहे हैं। एक तरफ ईरान की क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। दूसरी तरफ ईरान जिन ठिकानों का इस्तेमाल इजरायल के खिलाफ करता है उन्हें भी निशाना बनाकर हमेशा के लिए खत्म करने की कोशिश हो रही है। विशेषज्ञों की माने तो ईरान का मनोबल तोड़ना अमेरिका-इजरायल के लिए बड़ी चुनौती है।अगले एक हफ्ते काफी निर्णायकलेफ्टिनेंट जनरल संजय कुलकर्णी का कहना है कि अगले एक हफ्ते काफी निर्णायक होने वाले हैं। ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर, रिफाइनरी, मिसाइल निर्माण के स्थानों, लांचिंग पैड को निशाना बनाने के बाद भी अमेरिका और इजरायल ईरान का मनोबल नहीं तोड़ पाए। इसलिए अब बौद्धिक प्रतिष्ठान अन्य महत्वपूर्ण स्थल सहित पूरे सपोर्ट सिस...