रुडकी, फरवरी 18 -- पिछले कुछ सालों से आम की कम पैदावार और आसमान छूती कीमतों के कारण आम आदमी फलों के राजा के स्वाद से महरूम रहा था। लेकिन इस साल लक्सर समेत जनपद के तमाम इलाकों में आम के पेड़ों पर आए भारी बौर और अब मटर के दाने के आकार के 'टिकोरे' को देखकर बागवानों और किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। अनुकूल मौसम के चलते इस बार बंपर पैदावार की उम्मीद जताई जा रही है। जनपद के लक्सर, मंगलौर, बहादराबाद, सुल्तानपुर, झबरेड़ा और नारसन सहित कई इलाकों के बगीचे इस समय आम के बौर और टिकोरों से लदे हुए हैं। बागवानी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम ने साथ दिया तो इस साल बाजार में आम की प्रचुर उपलब्धता रहेगी। कृषि विज्ञान केंद्र धनौरी के प्रभारी डॉ. पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि आम की फसल को बेहतर बनाने के लिए तीन मुख्य चरणों- फूल, दाना और टिकोरा पर विशेष ध्य...
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