बौद्ध दर्शन में पर्यावरण संकट और मानसिक तनाव का समाधान: प्रो. शिशिर चंद्र पांडेय
मिर्जापुर, जुलाई 18 -- मिर्जापुर, संवाददाता। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश और केबीपीजी कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में गणेशगंज स्थित शिक्षा संकाय के सभागार में आयोजित सात दिवसीय बोधि-पथ कार्यशाला के पांचवें दिन शनिवार को बतौर मुख्य अतिथि जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय, चित्रकूट के कुलपति प्रो. शिशिर चंद्र पांडेय ने कहा कि जीवों के प्रति दृष्टिकोण को समझने के लिए पारिस्थितिकीय और बौद्ध दोनों प्रणालियां बेहद महत्वपूर्ण हैं। जहां विज्ञान अंतर्संबंधों पर जोर देता है,वहीं बौद्ध दर्शन करुणा और अहिंसा को केंद्र में रखता है। यह भी पढ़ें- भारतीय ज्ञान परंपरा में पर्यावरण का चेतन अस्तित्व-प्रो.प्रवेश भारद्वाजविशिष्ट वक्ता का वक्तव्य विशिष्ट वक्ता जीडी बिनानी पीजी कॉलेज के इतिहास विभाग के डॉ. ऋषभ कुमार ने...
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