हल्द्वानी, मार्च 26 -- हल्द्वानी, भूपेश कन्नौजिया। केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) वैधता अधिनियम-2025 के विरोध में उत्तराखंड के पेंशनर्स ने निर्णायक जंग का ऐलान कर दिया है। बुधवार को हल्द्वानी एसडीएम कोर्ट परिसर में सैकड़ों सेवानिवृत्त कार्मिकों ने प्रदर्शन करते हुए इस अधिनियम को 'पेंशन विरोधी कुचक्र' करार दिया। ऑल इंडिया पेंशनर्स स्टेट फेडरेशन के आह्वान पर एकजुट हुए विभिन्न संगठनों ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजकर आगाह किया कि यदि पुरानी मांगों और इस काले कानून पर जल्द ठोस निर्णय नहीं हुआ, तो आगामी चुनावों में बुजुर्ग पेंशनर्स अपने मताधिकार से सरकार को करारा जवाब देंगे। समिति ने आशंका जताई है कि अधिनियम लागू रहने से पुराने पेंशनर्स को आर्थिक नुकसान होगा और पेंशन में असमानता बढ़ेगी। उत्तराखण्ड सेवानिवृ...