हजारीबाग, फरवरी 17 -- हजारीबाग में शिक्षण संस्थानों के आसपास बढ़ता नशे का कारोबार चिंता का गंभीर विषय बनता जा रहा है। बड़े-बड़े स्कूल और कॉलेजों के नजदीक खुलेआम सिगरेट, मदिरा, खैनी और ब्राउन शुगर जैसे नशीले पदार्थों की उपलब्धता ने न केवल युवाओं, बल्कि स्कूली छात्र-छात्राओं को भी अपनी चपेट में ले लिया है। 15 से 30 वर्ष तक की उम्र के कई युवा इस लत के शिकार हो रहे हैं। हिन्दुस्तान के बोले हजारीबाग कार्यक्रम में युवाओं ने चिंता व्यक्त करते हुए शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। हजारीबाग। जिले के युवा पीढ़ी नशे के चपेट में आ गए हैं। इसलिए हजारीबाग में देख सकते हैं कि करीब आधा दर्जन नशा मुक्ति केंद्र खुल चुका है। यह नशा मुक्ति केंद्र इसलिए खुला है क्योंकि यहां के युवा नशे की चपेट में आ गए हैं और जिस...
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