सीतापुर, फरवरी 10 -- स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने जैसा अहम काम करने वाली आशा कार्यकत्री आज भी अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष कर रही हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत प्रशिक्षित महिला सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में काम करने वाली ये महिलाएं न केवल गांवों और शहरी बस्तियों में स्वास्थ्य सुविधाओं को आम लोगों तक पहुंचा रही हैं, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता, स्वच्छता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और पोषण संबंधी कार्यक्रमों की रीढ़ बन चुकी हैं। बावजूद इसके, जिले में काम करने वाली तमाम आशा कार्यकत्री कई गंभीर समस्याओं से जूझ रही है। जिले की तमाम आशा कायकत्रियां आज भी समस्यओं के साथ काम करने के लिए मजबूर है। इतने महत्वपूर्ण योगदान के बाद भी इनका सम्मान और पारिश्रमिक दोनों ही सरकारी तंत्र में नजरअंदाज किए जाते रहे ...