सीतापुर, सितम्बर 19 -- बोले सीतापुर : कोचिंग बहुत, संसाधन कम कहां से आए तैयारियों में दम पिछले एक दशक में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थानों का चलन शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में तेजी से बढ़ा है। आज के समय में अच्छी शिक्षा और प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों में प्रवेश एक तरह का स्टेटस सिंबल बन गया है। इस चलन ने शिक्षा के व्यवसायीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जिले में मेडिकल, इंजीनियरिंग, बैंकिंग और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों के पास बहुत ही सीमित विकल्प हैं। सरकारी पहल के तौर पर जिले में तीन अभ्युदय कोचिंग संस्थान मौजूद हैं, लेकिन उनमें एनडीए और सीडीएस जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा एक बड़ा निजी संस्थान और कुछ स्थानीय कोचिंग संस्थान ही छात्...
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