सीतापुर, मार्च 12 -- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये की लागत से बनाए गए एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन(आरआरसी) केंद्र अब तक शुरू नहीं हो सके हैं। कूड़ा एकत्र कर उसे छांटने और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित करने के लिए बनाए गए ये केंद्र वर्षों से बंद पड़े हैं। आंकड़ो की बात करें तो जिले की 1588 ग्राम पंचायतों में करीब 1170 आरआरसी सेंटर बन कर तैयार हो चुके हैं। जिसमें 800 आआरसी संचालित होने का दावा भी विभाग की ओर से किया जा रहा है। इसके अलावा घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए खरीदे गए ई-वाहन भी या तो खड़े-खड़े धूल फांक रहे हैं या फिर उनका इस्तेमाल निजी कामों में किया जा रहा है। ऐसे में गांवों में स्वच्छता अभियान का असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ ढ़ांच...
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