बहराइच, मार्च 11 -- अपने बेजोड़ हुनर और कारीगरी के लिए जाना जाने वाला बढ़ई और लोहार वर्ग समस्याओं से घिरा है। विश्वकर्मा समाज में आने वाले बढ़ई और लोहार वर्ग को आज सरकारी मदद की दरकार है। विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी आयोजनों के दौरान इनके योगदान और इनकी करीगरी की चर्चा तो होती है, लेकिन पारंपरिक काम करने वाले इस वर्ग के लोगों की समस्याओं पर जिम्मेदार विभाग ने कोई खास ध्यान नही दिया है। बढ़ई और लोहार वर्ग के लोगों का कहना है कि जिस तरह से इस पारंपरिक काम से जुड़े लोगों का विकास होना चाहिए, उस तरह नहीं हो पाया है। आज विरासत में मिले लकड़ी और लोहे को आकार देने के काम पर दूसरे लोग हकमारी कर रहे हैं। लंबे समय से खासकर लोहार जाति को विशेष दर्जा दिए जाने सहित तमाम मांगों को लेकर ये वर्ग संघर्ष करता रहा है। लेकिन आज तक इनकी मांगों पर गौर नही किया...
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