सीतापुर, मार्च 10 -- जिले की महिलाओं में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। बस, उन्हें सही दिशा देने की जरूरत है। हालात ये हैं कि संसाधनों के अभाव, जिम्मेदारों की उदासीनता और प्रोत्साहन की कमी के कारण महिला खिलाड़ियों का हुनर दबकर रह जा रहा है। शहर में स्टेडियम है, साथ ही थोड़ी बहुत सुविधाएं भी हैं, लेकिन तहसील स्तर पर महिला खेल प्रतिभाओं को संवारने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इसकी वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाएं स्कूल और कॉलेज स्तर से आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। इसके अलावा सबसे बड़ा मुद्दा सुरक्षा और बेहतर प्रशिक्षण का है। तहसील स्तर पर महिला खेल प्रतिभाओं की समस्याओं और सुविधाओं को लेकर जब हिन्दुस्तान अखबार ने उनसे संवाद किया, तो उन्होंने खुलकर अपनी समस्याएं साझा की। उनकी समस्याएं बता रही हैं कि महिलाओं के खेल को लेकर यहां अभी...