भागलपुर, दिसम्बर 2 -- रमेश झा महिला कॉलेज की छात्राएं इस उम्मीद के साथ कॉलेज आती हैं कि उन्हें बेहतर शिक्षा मिले, सुरक्षित माहौल मिले और बिना किसी बाधा के वे अपने भविष्य की राह तय कर सकें। लेकिन विडंबना यह है कि इन उम्मीदों के ठीक उलट, कॉलेज परिसर के आसपास फैली गंदगी, दुर्गंध और जलजमाव का ऐसा वातावरण बना हुआ है, जिसमें पढ़ाई तो दूर, छात्रों का सुरक्षित रूप से कॉलेज पहुंचना भी एक चुनौती बन गई है। कॉलेज तक पहुंचने वाली सड़कों पर मनचलों की सक्रियता लगातार बढ़ने से छात्राएं दहशत में रहती हैं। स्थिति यह है कि कक्षाएं समाप्त होने के बाद छात्राओं का समूह बनाकर निकलना आम बात हो गई है। अकेले आने-जाने में उन्हें असुरक्षा महसूस होती है। इसके बावजूद मनचलों की हरकतों पर रोक लगाने की दिशा में कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया गया है। कॉलेज के मुख्य द्वार से...
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