भागलपुर, मार्च 18 -- -प्रस्तुति: विजय झा जिले के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों सुखा नशा का कारोबार तेजी से पैर पसारता जा रहा है। राज्य में शराबबंदी लागू होने के बावजूद नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है। खासकर गांवों में गांजा, कोडीन युक्त कफ सिरप, नशे की गोलियां और सोल्यूशन जैसे पदार्थों का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। कम समय में अधिक पैसा कमाने की लालसा में कई लोग इस अवैध कारोबार से जुड़ रहे हैं, जिसका सबसे बड़ा खामियाजा समाज के नाबालिग बच्चों और युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सुखा नशा की बढ़ती उपलब्धता ने युवाओं और किशोरों को तेजी से अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। पहले जहां नशे की समस्या शहरों तक सीमित मानी जाती थी, वहीं अब गांवों में भी यह गंभीर रूप लेती जा रही है। कई ऐसे मामले सामने...