लखीसराय, मार्च 30 -- ​लखीसराय नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 26 स्थित ऐतिहासिक गुहिया पोखर आज अपने अस्तित्व की अंतिम लड़ाई लड़ रहा है। जिस जलस्रोत को लखीसराय की लाइफलाइन होना चाहिए था उसे भू माफियाओं और प्रशासनिक उदासीनता के गठजोड़ ने मौत के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। सरकारी आंकड़ों में 55 डिसमिल में फैला यह विशाल पोखर आज माफियाओं की गिद्ध दृष्टि के कारण सिमटकर मात्र 15 डिसमिल का एक गंदा गड्ढा बनकर रह गया है।​ बाकी की 40 डिसमिल बेशकीमती जमीन पर आज माफियाओं का कंक्रीट साम्राज्य खड़ा है जो न केवल कानून को चुनौती दे रहा है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के हलक सुखाने की तैयारी भी कर चुका है। कूड़े से शुरू हुआ कब्जा, आलीशान मकानों पर थमा: ​अतिक्रमण का यह खेल किसी पेशेवर अपराधी की कार्यशैली से कम नहीं है। पोखर का कब्जा बेहद योजनाबद्ध तरीके से किया...