रायबरेली, अगस्त 23 -- प्रशासन के तमाम दावों के बीच किसानों को खाद (यूरिया-डीएपी) के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। किसानों को खाद उपलब्ध करवाने के लिए जिले में 537 केंद्र बनाए गए हैं। इनके जरिये खाद दी जाती है। बावजूद इसके इन केंद्रों पर लाइन लगती है। किसानों को जरूरत से कम खाद मिल पा रही है। कई केंद्रों पर खाद नहीं होने से किसानों को बैरंग लौटना पड़ता है। अगर किसानों को पता चल जाता है कि सहकारी समिति में खाद आई है तो वहां सुबह से लाइन लग जाती है। रायबरेली। धान की फसल के लिए सबसे अधिक यूरिया खाद की जरूरत पड़ती है। किसान अब यूरिया के लिए भटक रहा है। कागजों में पांच हजार मीट्रिक टन से अधिक खाद जिले में उपलब्ध है, लेकिन किसानों तक नहीं पहुंच पा रही है। किसान खाद के लिए सहकारी समितियों और निजी बिक्री केंद्रों के चक्कर काटते हैं। निजी बिक्री केंद्...
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