रायबरेली, फरवरी 25 -- जिला मुख्यालय से कई कस्बों तक आने जाने के लिए बस, निजी बस और टेम्पो और ट्रेन का सहारा लिया जाता है। आम लोगों को सरकारी बसों में सुबह आने और शाम को जाने के नियत समय की दिक्कत होती। वहीं डग्गामार वाहनों में सवारियां ठूंस कर भरी रहती हैं। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रात में कई रूट पर आवागमन के साधन न के बराबर है, डग्गामार वाहनों का ही सहारा है। जिले की परिवहन व्यवस्था में लोकल में करीब 34 बस, एक ट्रेन दो चक्कर लगाती है साथ ही 750 टेम्पो, 2901 ऑटो,11506 ई रिक्शा समेत अन्य वाहन लोगों को उनके गंतव्य तक ले जाते हैं। सरकारी बस की हालत जस की तस है अनुबंधित बस कुछ ठीक कंडीशन में हैं। इन कस्बों और तहसीलों के लिए शहर में मुख्यत छह रुट हैं। जहां से लोग अपनी यात्रा शुरु करते हैं। यहां से रात में सफर मुश्किल होत...