रायबरेली, फरवरी 26 -- बच्चों में खेल प्रतिभाओं को विकसित करने के खेल मैदान आवश्यक हैं। इसके बावजूद यह खेल के मैदान खेलने लायक नहीं बचे हैं। इनमें अव्यवस्थाओं का अभाव है। कई मैदानों में गड्ढे हो गए हैं ऐसे में यहां खेलना खतरे से खाली नहीं है और यह मैदान बच्चों के लिए खतरनाक हो गए हैं। अधिकतर मैदान में गड्ढे होने पर इनमें पानी रुकता है, जिससे यह खेलने लायक नहीं रहते हैं। आंकड़ों की माने तो जिले में 95 से अधिक खेल मैदान और मिनी स्टेडियम बने हुए हैं। इनका रखरखाव व्यवस्थित न होने के कारण अधिकांश मैदान खेलने लायक नहीं हैं। इनकी ओर कोई ध्यान देने वाला नहीं है। कई ग्राम पंचायतों में खेल के मैदान और उपकरण धूल फांक रहे हैं। यदि इनमें ध्यान दिया जाए तो ग्रामीण इलाकों की प्रतिभाओं में और निखार आ सकता है। ग्रामीण इलाकों में प्रतिभाओं को कोई कमी नहीं है...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.