रायबरेली, मार्च 7 -- शहरों के बढ़ते हुए दायरे में जिले के पशुपालकों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जगह की कमी, नियम-कायदों की पाबंदियां और बढ़ती आबादी के बीच उनका काम,चारे की व्यवस्था आदि हैं। शहर में दूध उत्पादन की व्यवसाय में लगे पशुपालकों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्हें अपने व्यवसाय को व्यवस्थित रूप से चलाने में चारे से लेकर चारागाह, पानी, खुला स्थान आदि दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहरी इलाकों से पशुपालकों को नगर की सीमा बाहर ही रखते है। लोगों ने शहरी इलाकों में बहुत कम ही दुधारू पशु पाल रखे हैं। पशुपालकों के पास उनके पशुओं की संख्या के अनुसार उनके पास पर्याप्त स्थान नहीं हैं। पशु चारे की क्या व्यवस्था मंडी से करनी पड़ती है। हरे पशु चारे की उपलब्धता भी कम ही रहती है और बड़ी मशक्कत के बाद ही उपलब्ध होती है...