रायबरेली, फरवरी 18 -- ग्रामीण क्षेत्रों में आम लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से चल रहे आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का हाल बेहाल है। जिले के अधिकांश गांवों में लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है यह योजना सिर्फ खानापूर्ति बनकर रह गई है। एक दो केंद्रों को छोड़ दें तो बाकी में व्यवस्थाएं बदहाल हैं। कई स्थानों पर रखरखाव के अभाव में आरोग्य मंदिर बदहाल हो गए हैं वहीं कई ऐसे बनाए गए हैं जिनका ताला ही नहीं खुलता है। कई जगह डॉक्टर नियमित रूप से नहीं आते हैं। इन आरोग्य मंदिरों में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में लोगों को कोई खास जानकारी नहीं है। न ही विभाग ही इसका कोई प्रचार प्रसार कर रहा है। किसी को भी पता है, सरकार ऐसी भी एक योजना चला रही है जिससे वह घर के आसपास ही इलाज करा सकते हैं। कई आरोग्य मंदिरों में जरूरी उपकरण उपलब्ध नह...