रायबरेली, मार्च 8 -- आलू किसानों की समस्याएं बढ़ रही हैं। महंगे खाद, बीज और पानी की कीमतों के साथ-साथ उन्हें उचित बाजार नहीं मिल रहा है। इससे आलू उत्पादन में कमी आ रही है। किसानों का कहना है कि उन्हें उचित मूल्य नहीं मिलता और न ही अच्छी मार्केट है। फसल पर मिलने वाले मुनाफे और उनके बीच हमेशा उचित दाम न मिलना, बिचौलियों की दखलंदाजी और सिंचाई के लिए पानी की कमी जैसी समस्याएं हमेशा मुंह बाये खड़ी रहती हैं। सरकार नि:शुल्क बीज, अनुदान पर कृषि यंत्र और कीट नाशक आदि सुविधाएं तो दे रही है, लेकिन उनके आर्थिक हालात बेहतर हो सकें इसके लिए यह नाकाफी है। फसल तो वह उगा लेते हैं लेकिन आगे सिंचाई, कटाई और फिर मार्केट तक पहुंचाने में जो लागत आती है, शायद ही कभी वह उन्हें मिल पाती हो। रही सही कसर कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में घूमने वाले छुट्टा मवेशी पूरी कर...