रामगढ़, दिसम्बर 27 -- रामगढ़। देशभर में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने रामगढ़ की ऐतिहासिक चांदी पायल मंडी को गहरे आर्थिक संकट में धकेल दिया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि आभूषण निर्माण का काम लगभग ठप हो गया है। वर्षों से रामगढ़ की पहचान और हजारों परिवारों की आजीविका का आधार रहा पायल उद्योग आज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ने को मजबूर है। हिन्दुस्तान के बोले रामगढ़ अभियान के दौरान व्यापारियों ने बताया कि बढ़ते दामों का सीधा असर पायल मंडी पर पड़ा है, जहां कामकाज में करीब 90 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। रामगढ़ की पायल मंडी कभी दिन-रात चलने वाले कारखानों, व्यस्त दुकानों और काम में जुटे कारीगरों के लिए जानी जाती थी। गलियों में लगातार गूंजने वाली औज़ारों की आवाज़ें अब थमी थमी नजर आ रही हैं। अधिकांश कार्यशालाएँ बंद पड़...