रांची, मार्च 28 -- रांची, वरीय संवाददाता। राजधानी रांची के हृदय स्थल में स्थित पद्मश्री डॉ. रामदयाल मुंडा क्रीड़ा स्थल आज अपनी उपेक्षा की कहानी खुद बयां कर रहा है। कभी खेल प्रतिभाओं की नर्सरी रहा यह मैदान अब बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। हर सुबह-शाम यहां सैकड़ों युवा और महिला खिलाड़ी अपने सपनों को उड़ान देने पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें मिलता है-गंदगी, अंधेरा व असुरक्षित माहौल। विशेषकर महिला खिलाड़ियों के लिए स्थिति नारकीय है। न शौचालय है और न कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम। यहां उद्घाटन के पत्थर तो लगे, लेकिन व्यवस्था सुधारने की नीयत गायब दिखी। पेयजल के अभाव से लेकर जानलेवा गड्ढों तक, हर कदम पर खिलाड़ियों को संघर्ष करना पड़ रहा है। पद्मश्री डॉ. रामदयाल मुंडा क्रीड़ा स्थल (पूर्व में रांची कॉलेज मैदान) आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.