रांची, मार्च 20 -- रांची, संवाददाता। राजधानी में व्यावसायिक गैस की आपूर्ति ठप होने का असर अब मेस संचालकों और कारीगरों पर साफ दिखने लगा है। हिन्दुस्तान के 'बोले रांची' कार्यक्रम में शहर के विभिन्न छात्रावासों और मेस से जुड़े कारीगरों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। बताया कि गैस की किल्लत से उनका काम न सिर्फ कठिन हो गया है, बल्कि उनकी दिनचर्या बदल गई है। पहले वे सुबह छह बजे काम शुरू करते थे, अब चार बजे ही उठकर काम पर लगना पड़ रहा है। कोयला और लकड़ी का ही सहारा है, जिससे काम का समय और मेहनत दोनों बढ़ गए हैं। धुएं से स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी हैं। छात्र-छात्राओं को हर दिन के मेनू के हिसाब से भोजन देना पड़ता है। लेकिन, पालन नहीं कर पा रहा है। कई जगहों पर छात्रों को सुबह का नाश्ता तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।रांची में गैस आपूर्ति की कमी ने मेस क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.