रांची, दिसम्बर 28 -- रांची। हिन्दुस्तान के 'बोले रांची' कार्यक्रम में शनिवार को वार्ड संख्या-25 के निवासियों ने अपनी पीड़ा व्यक्त की। उनका स्पष्ट कहना है कि निकाय चुनाव में हो रही देरी अब उनके लिए गले की फांस बन गई है। इलाके की लगभग 35 हजार की आबादी पिछले तीन वर्षों से मूलभूत नागरिक सुविधाओं के अभाव में नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। स्थिति यह है कि जनप्रतिनिधि (पार्षद) न होने के कारण आम जनता को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक कागजी कार्यों से लेकर स्ट्रीट लाइट की मरम्मत और कूड़ा उठाव जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी नगर निगम कार्यालय की खाक छाननी पड़ रही है। कार्यक्रम के दौरान मुखर हुए नागरिकों ने एक स्वर में आक्रोश जताते हुए कहा कि स्थानीय नेतृत्व के अभाव में जनता की जायज शिकायतों को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। हिन्दुस्तान के '...
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