मैनपुरी, मार्च 30 -- पानी के बिना जिंदगी की बात संभव नहीं है। लोग हर रोज जमीन का सीना चीर कर पानी निकालते हैं लेकिन इस अनमोल पानी की कद्र नहीं करते। कद्र इसलिए भी नहीं करते कि पानी के बिना जिंदगी कैसी होती है, यह उन्होंने कभी महसूस नहीं किया है। लेकिन इस बात का एहसास सभी को करना पड़ेगा, हमें सोचना पड़ेगा कि यदि पानी खत्म हो गया या कम हो गया तो बसर कैसे होगी। हम अपनी नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ी की चिंता पानी संकट के दृष्टिगत जरूर करें। पानी का सम्मान करें, पानी को बचाने के लिए हर संभव कोशिश खुद करें और दूसरों को करने के लिए प्रेरित भी करें। मैनपुरी जैसे छोटे जिले में कई क्षेत्र पानी के संकट से जूझ रहे हैं। मैनपुरी में 40000 इंडिया मार्का हैंडपंप 20 साल पहले प्यास बुझाने के लिए लगाए गए थे। इस में से 60 फीसदी हैंडपंप जलस्तर नीचे चले जाने से पानी ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.