मैनपुरी, दिसम्बर 29 -- यातायात के नियमों के पालन करने की जब भी बात होती है तो वाहन चलाने वाले उन युवाओं पर फोकस शुरू हो जाता है। जिनकी उम्र 18 वर्ष पूरी हो जाती है, लेकिन इन युवाओं को स्कूली शिक्षा के दौरान सड़क सुरक्षा के मानक बताने की औपचारिकताएं अधिक निभाई जाती है। यही वजह है कि सड़क हादसे होते हैं तो युवा वर्ग सर्वाधिक प्रभावित नजर आता है। ऐसे में जरूरत इनके सही मार्गदर्शन की है। यह पुलिस विभाग की ओर से तो समय-समय पर अभियान चलाकर किया ही जाता है। परिवारों को भी इसे लेकर जागरूक होना चाहिए। यातायात विभाग हर नवंबर में स्कूल दर स्कूल जाकर बच्चों के बीच यातायात की पाठशाला लगाता है। बताता है कि वह जागरूक बनेंगे, नियमों का पालन करेंगे तो सड़क हादसे कम होंगे। इस वर्ष भी यह पाठशाला लगी मगर इस पाठशाला का असर स्कूल के अंदर तो दिखा लेकिन स्कूल के...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.