मेरठ, दिसम्बर 9 -- एमडीए की शताब्दीनगर योजना के बीच बसा रिझानी गांव नगर निगम का हिस्सा है, लेकिन यह बदहाली के दौर से गुजर रहा है। रास्ते पर फैक्ट्रियों से निकला केमिकल वाला गंदा पानी लोगों की सांसों पर दबाव बढ़ा रहा है। कैंसर जैसी बीमारी का कारण बन रहा है। इस इलाके में ना हवा ठीक है और ना ही पानी। एक्यूआई खतरनाक लेबल पर रहता है। रिझानी तक जाने वाले रास्तों के किनारे गंदगी का अंबार रहता है, फैक्ट्री से निकला कूड़ा डस्टबिन के बजाय सड़क किनारे फेंका जाता है। पास में मौजूद स्कूल के बच्चे गंदगी से जूझते हैं। बदहाल गलियां, उखड़ी इंटरलॉकिंग टाइल्स ने लोगों का चलना दुश्वार कर दिया है। घरों तक पानी पहुंचाने के लिए बनाया गया बोरवेल आजतक चालू नहीं हुआ। नगर निगम के वार्ड-28 में बसे रिझानी क्षेत्र में 1400 वोटर और करीब 3000 की आबादी है। रिझानी पहुंचने...
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