मेरठ, दिसम्बर 17 -- शहर के पुराने इलाकों में शुमार कैलाशपुरी समस्याओं से जूझ रहा है। जहां लोगों की समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। सफाई व्यवस्था ठप है, नालियों में अटी गंदगी और चोक सीवर के कारण निकासी बदहाल है। नालियों की सफाई महीनों से नहीं हुई। इलाके में सबसे बड़ी समस्या डेरियों से निकलने वाले गोबर की है, जिससे नालियों के साथ ही सीवर भी चोक हो रहे हैं। वहीं कुत्ते और बंदरों का आतंक भी लोगों में भय का पर्याय बना हुआ है। सरकारी पानी लोगों के घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जूझ रहे कैलाशपुरी के लोग समाधान चाहते हैं। साथ ही एक प्रतिनिधि भी चाहते हैं जो उनकी समस्याओं को सुने, समझे और निस्तारण भी कराए। शहर के पुराने इलाकों में शामिल कैलाशपुरी में करीब 5000 से अधिक आबादी निवास करती है। यह इलाका बीते छह म...
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