मेरठ, मई 8 -- यह वही मेरठ है जिसकी मिट्टी ने देश को कई खिलाड़ी दिए हैं। यहां के युवा आज भी नेशनल, एशियन गेम्स और ओलंपिक तक पहुंचने का सपना आंखों में लिए हर दिन पसीना बहाते हैं। लेकिन यह तब तक पर्याप्त नहीं है, जब तक खिलाड़ियों को उनके सपनों को साकार करने के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं मिलतीं। आज जब हम एशियाई खेलों, ओलंपिक और कॉमनवेल्थ जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देखना चाहते हैं, तो यह जरूरी है कि खिलाड़ियों को जमीनी स्तर पर हर वह सुविधा मिले, जो उन्हें एक वर्ल्ड-क्लास एथलीट खिलाड़ी बना सके। लंबे समय से सिंथेटिक ट्रैक बनने को लेकर स्टेडियम बंद था। अब जब ट्रैक बनकर तैयार हो गया है तो उसकी औपचारिकताएं पूरी नहीं हो सकी हैं। ऐसे में खिलाड़ी आज भी भामाशाह पार्क और बदहाल मैदानों में तैयारी करने को मजबूर हैं। इसको लेकर ह...