मुजफ्फर नगर, दिसम्बर 17 -- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की मांग आज से नहीं बल्कि पिछले 44 सालों से चल रहा है। कई बार वकीलों ने इसके लिए आंदोलनरत रहे। पुलिस ने लाठियां बरसाईं, जेल भी गए। यहां तक कि देश की महिला प्रधानमंत्री रहीं स्व. इंदिरा गांधी से लेकर किसानों के मसीहा एवं वकालत के पेशे से जुड़ने के बाद राजनीति के क्षेत्र में अच्छी खासी मुकाम रखने वाले भूतपूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने भी पश्चिमी उप्र में हाईकोर्ट बेंच का समर्थन किया था। यहां तक कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाशीश को पत्राचार कर इसे जनमानस की मांग बताया था लेकिन वर्षों पुरानी मांग अभी तक पूरी नहीं हो पाई। ऐसे में एक बार फिर से पउप्र की आवाज तेज हो गई। इस आवाज में सिर्फ वकील ही नहीं बल्कि व्यापारी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ ...
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