भागलपुर, मार्च 19 -- -प्रस्तुति: गौरव कुमार मिश्रा बरियारपुर प्रखंड के नीरपुर पंचायत अंतर्गत करहरिया, नूरपुर और बगड़ा मौजा कृषि उत्पादन के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। यहां की लगभग 2000 एकड़ भूमि उपजाऊ है और परंपरागत रूप से मसूर, चना, धान और गेहूं जैसी फसलों की खेती होती रही है। इसके बावजूद यह क्षेत्र आज भी सिंचाई के बुनियादी साधनों के अभाव से जूझ रहा है। किसानों ने बताया कि, सबसे बड़ी समस्या यहां बोरिंग सुविधा का अभाव है। खेतों तक बिजली पहुंच चुकी है, लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण किसान आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। वर्षा पर निर्भरता के चलते सूखे के समय फसलें बर्बाद हो जाती हैं। वहीं, हर वर्ष बाढ़ आने से लगभग ढाई महीने तक खेत जलमग्न रहते हैं, जिससे खरीफ और रबी दोनों फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस क्षेत्र...