मिर्जापुर, मई 28 -- योग को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिल चुकी है लेकिन हम आज भी वहीं हैं, जहां पहले थे। हम लोगों को सेहतमंद बनाते हैं, लेकिन अपनी रोजी-रोटी की चिंता परेशान करती है। योग प्रशिक्षकों का कहना है कि योग दिवस के दिन ही उनकी पूछ होती है, फिर वर्ष भर भुला दिए जाते हैं। उनकी मांग है कि ब्लाॅक स्तर पर योग भवन बनवाए जाएं, जिससे नियमित योगाभ्यास हो सके। स्कूलों में योग प्रशिक्षक की नियुक्ति हो, ताकि बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता आए। वेलनेस सेंटरों की नियमित मॉनीटरिंग होनी चाहिए। नगर की पुरानी दशमी में 'हिन्दुस्तान' से चर्चा में योग प्रशिक्षक और प्रशिक्षणार्थियों ने समस्याएं साझा कीं। योग प्रशिक्षक भोलानाथ यादव ने कहा कि योग सेहत के साथ उनके भविष्य से भी जुड़ा है। सरकार खेलों को बढ़ावा दे रही है। खेल के जरिए तमाम लोगों को नौकरिया...
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