मथुरा, फरवरी 22 -- पूरी दुनिया में जब रंगों का पर्व खत्म हो जाता है तब बल्देव के दाऊजी मंदिर में अनूठा हुरंगा होता है। यह हुरंगा आज भी होली को लेकर चली आ रही कहावत..देखो ये ब्रज देस निगोरा, सब जग होरी, ब्रज में होरा...कहावत को चरितार्थ करता है। इसी कड़ी में दाऊजी में होने वाले हुरंगे में भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम (दाऊजी) से हुरियारिनें गोपियों के रूप में होली खेलती हैं। यहां हुरियारों पर लाठियों की जगह प्रेम पगे पोतनों की बरसात होती है। ये पोतने भी हुरियारों के कपड़ों को फाड़ कर हुरियारिनें वहीं पर खुद हाथों-हाथ तैयार करती हैं। अबीर-गुलाल, फूलों की पंखुड़ियों और टेसू फूलों से तैयार प्राकृतिक रंगों की बेशुमार बरसात यहां के हुरंगे का सबसे बड़ा आकर्षण है। इस बार पांच मार्च को दिन में 11 से एक बजे तक मंदिर में श्री दाऊजी महाराज विश्व प्रसिद...
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