मथुरा, फरवरी 11 -- गुलाल के बगैर होली का उल्लास अधूरा है। लाल, गुलाबी, हरा, पीला गुलाल होली में हर जगह प्रचलित है लेकिन ब्रज में केसरिया गुलाल की सबसे ज्यादा डिमांड है। रात-दिन मेहनत करके कारीगर गुलाल तैयार कर रहे हैं। गुलाल भले ही आमजन की जिंदगी में होली के रंग भरता हो, लेकिन इन करीगरों की खुद की जिंदगी बेरंग है। साल में सिर्फ तीन महीने ही इनको काम मिलता है। बाकी के 9 महीने तक इनको अपना परिवार पालने को अन्य कार्यों में मेहनत-मजदूरी तलाशनी पड़ती है। हिन्दुस्तान के बोले मथुरा संवाद में कारीगर ने कहा कि वह चाहते हैं कि सरकार उनके लिए कोई ऐसी योजना लाए, जिससे उनकी जिंदगी भी पटरी पर आ सके। ब्रज की होली विश्व प्रसिद्ध है। यहां होली पर शुद्ध व हर्बल गुलाल उड़ाया जाता है। एक अनुमान के मुताबिक होली पर प्रतिवर्ष 500 टन से अधिक गुलाल का कारोबार होता ...