मथुरा, दिसम्बर 31 -- कृष्ण नगरी के युवाओं के अच्छे कॅरियर के सपनों को अब पंख लग रहे हैं। 90 के दशक के स्थिर सपनों से निकलकर आज का मथुरा युवा परिवर्तन के दौर में है। युवा अपने भविष्य, शिक्षा और रोज़गार को लेकर नए सवालों, नई अपेक्षाओं और नए सपनों के साथ खड़े हैं। नई शिक्षा नीति ने युवाओं की सोच बदली है। तकनीक ने रास्ते खोले हैं। यदि यह संतुलन बना रहा तो मथुरा का युवा न केवल अपने सपनों को साकार करेगा, बल्कि जिले के विकास का भी वाहक बनेगा। कुछ ऐसी ही उम्मीदें आने वाले नये साल से युवाओं को है। युवाओं और अभिभावकों दोनों की सोच में नई शिक्षा नीति ने बदलाव लाना शुरू किया है। रटंत विद्या से हटकर कौशल-आधारित शिक्षा, मल्टी-डिसिप्लिनरी कोर्सेज, वोकेशनल शिक्षा को बढ़ावा, स्थानीय स्तर पर रोजगार से जुड़ी शिक्षा, अलग-अलग रोजगार परक प्रशिक्षण आदि हैं। कॉलेजो...
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