मथुरा, मार्च 30 -- शहर में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और ऑटो और ई-रिक्शा संचालन में अनुशासन लाने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा और पुलिस द्वारा ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का ऑटो रजिस्ट्रेशन कर उनके रूट तय किए गए थे। इसके लिए ऑटो और ई-रिक्शा संचालकों से तीन-तीन हजार रुपये लेकर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई। साथ ही किराया भी निर्धारित किया गया, जो पहले से ज्यादा था। सारी प्रक्रिया करने के बाद जिम्मेदार अधिकारी निर्धारित रूटों पर ऑटो-ई रिक्शा चलवाना भूल गए और फिर से वैसी ही स्थिति हो गई है कि किसी भी रूट पर कोई भी ऑटो-ई रिक्शा दौड़ रहा है। लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पर तो कोई असर पड़ा नहीं, किराया बढ़ने पर जनता की जेब ढीली हो गई।मथुरा-वृंदावन में जाम का सबसे बड़ा कारण ऑटो-ई रिक्शा हैं। महानगर में बड़ी संख्या में ऑटो और ई-रिक्शा हैं। जिनका को...