बुलंदशहर, जनवरी 23 -- जिले के उंचागांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर केवल एक एमबीबीएस डॉक्टर की तैनाती है। विशेषज्ञ की कमी के चलते आरबीएसके कार्यकर्ता, एमसीडी स्टाफ ओपीडी इमरजेंसी देख रहे हैं। लेबर रूम में न तो गाइनेकोलॉजिस्ट है और नहीं नर्सिंग स्टाफ, जिससे जच्चा बच्चा की जान को भी खतरा रहता है। आरबीएसके की दो नर्सिंग स्टाफ प्रसव देख रही है। पैथोलॉजी लैब में बायोकेमिकल टेस्ट के लिए रीजेंट नहीं है। दौलतपुर कलां पीएससी पर डॉक्टर और स्टाफ न होने के चलते एक साल से बंद पड़ी है। खानपुर पीएचसी में भी डॉक्टर की तैनाती नहीं है। 2 लाख से अधिक जनसंख्या देखभाल एक अधीक्षक के सहारे चल रही है। जिम्मेदारों की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। स्थानीय लोगों के कई बार शिकायतें करने के बाद भी जिम्मेदारों का इस ओर कोई ध्यान नही हैं। लोगों ने ज...