बहराइच, नवम्बर 17 -- छोटे शहरों में वकालत के पेशें में अब भी महिला वकीलों की संख्या नगण्य ही है। कानून के जरिए अपने मुवक्किलों को राहत दिलाने वाली महिला अधिवक्ताओं को उनके कार्यस्थल पर बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्हें पीने का साफ पानी, बस्ते के लिए बेहतर जगह, पिंक टायलट, लाइब्रेरी, कामन हाल, पार्किंग, कैंटीन की सुविधा, कचहरी परिसर में साफ सफाई जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है। साथ ही तमाम महिला अधिवक्ता ऐसी हैं, जो लंबी दूरी तय कर शहर स्थित कोर्ट में आती जाती हैं। रोजाना इन समस्याओं से जूझ कर भी महिला अधिवक्ता वादकारियों के लिए लड़ाई लड़ रही हैं। उन्होंने शहर से आगे जा हाईकोर्ट तक का सफर तय कर अपनी योग्यता का डंका बजाया है। बहराइच। फिल्मी सेट पर लक-दक अदालतें, अपडेट यूनिफार्म में तने हुए वकील, जज के सामने आस भरी मुद्रा में खड़...
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